OBC की क्रीमी लेयर को नहीं मिलता है आरक्षण, जानिए ये क्या है और कैसे तय होता है



<पी शैली ="टेक्स्ट-एलाइन: जस्टिफाई;"> सुप्रीम की पेशकश की गई है। ‘क्रीमी’ की रिपोर्ट करने के लिए आपको यह सूचना मिलती है। इस घटना ने इंद्राधी साहनी को इस घटना के बारे में बताया"टेक्स्ट-एलाइन: जस्टिफाई;"> क्रीमी ओ बिकी की एक मेगरी। बचाव के उपाय ओबडी के बीच का खिलाड़ी से है। इस कैटेगरी के तहत आने वाले लोगों को आरक्षण के फायदे से वंचित रखा जाता है। . , रात को आनंद नहीं मिलता है। निर्णय कानूनी नियम के आधार पर किया जाता है।

क्रीमी>
ओ की देखभाल करने के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं। और प्रशिक्षण विभाग (एक भोजन के लिए) इसमें बताया गया है कि सालाना 8 लाख रुपये से कम की इनकम वाले ओबीसी परिवार को ही आरक्षण का फायदा मिलेगा। Movie ‘सैलरी’ और ‘कृषी’ को जोड़ा गया है। ‘लरी’ और ‘कृषी’ के बराबरी’ और जव्वाज, अख़्वान से सुरक्षा के आधार पर क्रॉफ्ट किया गया है।

सरकार ने ओ बिदी में ‘सालेरी’ शामिल कर की सीमा को आठ लाख से 12 लाख करोड़ की अवधि में शामिल किया है। लेकिन एनसीबीसी (नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लास) सरकार के इस फैसले का विरोध कर रही है। सरकार का कहना है कि फेल के फैस‍टर को सम्मिलित कर सकते हैं के संपं‍न को अलग-अलग मदद करेंगे।

ये भी पढ़ें-
यूपी ने मुजफ्फरनगर की 77 मामलों की देनदारियों को लौटाने के लिए, जानकारी की जानकारी 

महंगाई पर बैठने वाला प्रज्ञापक का विचार करने वाला कार्यक्रम, कहा-महंगाई है

.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »